ख़ामोशियाँ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 19, 2017 ख़ामोशियां, बेवजह नहीं होती...। कुछ दर्द, आवाज़ छीन लिया करते हैं...। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
Senti.... November 17, 2017 मैंने चुना था साझा सवेरा, हम दोनों के लिए.. मैंने नहीं चुनी कभी ये तन्हा रातें; जो मेरी हैं, सिर्फ़ मेरी ! Read more
इश्क October 20, 2017 इश्क़ वो है, जब मैं शाम होने पर मिलने का वादा करूँ, और वो दिन भर... सूरज के होने का अफ़सोस करे. Read more
October 05, 2018 गिटार और ग़ज़ल में ज्यादा फर्क नहीं, आखरी फैसला तुम्हारा है। तुम एक मुकम्मल ग़ज़ल बनना चाहती हो या चंद रोज गिटार की धुन। (chackout my writing ....) (https://yq.app.link/FcKsBIB4LQ) .....Durga bangari Read more
Comments
Post a Comment